तेरे साये में रहूँगी
तेरे साये में रहूँगी तुझसे बहुत बातें करुँगी तू रुठेगा मैं मना लूँगी मगर तुझसे मिलकर ही रहूँगी ये ज़िद है मेंरी तुम इंतजार करोगे न मेरे लिए नहीं रोओगे न मैं बहुत जल्द फ़िर बनूंगी तेरी थोड़ा सब्र रखना दिल की डोर मुझसे बांधे रखना थोड़ा दर्द हम सहेंगे, थोड़ा तुम सह लेना मगर तुमसे प्यार न करने का वादा न लेना हम जब मिलेंगे तो देखना प्यार ही प्यार होगा मौसम सिर्फ हमारे प्यार का होगा तू हमेशा यूँ ही मेरे बनकर रहना दो जान एक दिल बनेंगे तेरे मेरे प्यार के किससे लबों पर होंगे मगर हम तो सिर्फ एक दूसरे की आंखों में होंगे और हम मिलकर फ़िर से एक दूजे के होंगे तो कहो, निभाओगे न वादा मुझसे दूर रहने का मुझसे यूँही प्यार करते रहने का अब आंखों में नमी और लम्बी जुदाई का है इरादा दिल टूट सा रहा है बहुत दर्द हो रहा है क्या तू मुझसे दूर हो रहा है क्या वो वक़्त पास आ रहा है आँखे, न जाने की आरज़ू कर रही हैं मगर तुझे रोककर तूझे खोना भी नहीं चाहती काश कि तुम्हारे साथ चल पाती और अब तो तुम्हारी आँखे भी न जाने की आरज़ू कर रही हैं तुम्हारी हर ख्वाहिश पूरी करूँगी ऐसा वादा कभी खुद से किया था तेरी आँखों में सिर्फ प्यार देखूँगी, ऐसा सोचा तो था मगर आज तेरी आँखों में दर्द की मरहम, मैं फ़िर से कैसे बनूंगी कहीं न कहीं तुम्हें भी मेरे लिए दर्द है मानो मेरे हिस्से का भी दर्द है दोनों की आँखो में एक दूसरे का दर्द है पर खुद का दर्द वो तो जैसे बेदर्द है
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