मेरा अस्तित्व 💐
हर इंसान अपने लिए कोई ना कोई न्यासंगत बात करता ही है 🤗 हर इंसान खुद कि निगाह मे सही होता है 🤗🤗 इंसान मानता है खुद को बेगुनाह खुद कि नजर से दुखी और परेशान भी है 🙏🙏 मगर मैं जानती हूँ मेरी असलियत क्या है इंसान हूँ मैं कोई खुदा नहीं कि खामियाँ ना हों मुझमे ना जाने कितने ही मोड़ पर गलत हूँ, गुनहगार हूँ मैं अपने दोष जानती हूँ, खुद को बखूबी पहचानती हूँ जैसा कि मैंने कहा मैं इंसान हूँ 😊 बनावटी शख्सियत नहीं है मेरी ......... तो ये दोष, खामियाँ, कमियां और गुनाह ये मेरा अस्तित्व है ये मुझे पूर्ण करते हैँ स्वयं की इस पूर्णता पर गर्व है मुझे 💐🙏🙏
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