ममता गिरीश त्रिवेदी की कविताएं
ममता गिरीश त्रिवेदी की कविताएँ सादगी और गहराई का सुंदर संगम हैं। उनकी रचनाओं में प्रकृति का सौंदर्य, प्रेम की कोमलता, जीवन की सच्चाई और रिश्तों की संवेदनाएँ सभी सहजता से प्रकट होती हैं। उनकी कविताओं की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि शब्द बहुत सरल होते हैं, लेकिन असर बहुत गहरा छोड़ते हैं। “मनचला सावन” जैसी कविताएँ पाठक को ऋतुओं की भीगी छुअन का एहसास कराती हैं, तो “मेहरबां” और “दर्द से दुआओं का सफ़र” जैसी कविताएँ प्रेम और जीवन की कसक को आत्मा तक पहुँचा देती हैं। “अदृश्य चौराहे” और “आईना गिर पड़ा” जैसी कविताएँ आत्ममंथन कराती हैं और सोचने पर मजबूर करती हैं। उनकी कविताएँ पढ़ते हुए ऐसा लगता है मानो पाठक अपने ही मन के किसी छिपे कोने को देख रहा हो। यह लेखनी दिल से निकली हुई है और सीधे दिल तक पहुँचती है। — एक पाठक की नज़र से
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