संसार के हालात 🥺
हे विधाता! तेरे संसार के क्या हो गए हालात? ना करुणा, ना प्रेम, दें इक दूजे को आघात धोखा देते अपनों को ही, ना समझें कोई जज़्बात अपनी दुनिया मे मग्न हुए सब, टूटे रिश्ते जन्मजात r😔😔🤔 दुर्वचनो का शोर है चारो ओर, कोई बोले ना मीठे बोल अफसर बने हैँ तानाशाह, इनके काम रहता झोल बिन परिश्रम खाएं मलाई, नहीं मेहनत का कोई मोल अंदर रखते कपट सभी, नहीं मिलता कोई दिल खोल🤔🤔😔 दौलत कमाई, शोहरत कमाई फिर भी ना मिले सुकून धोखा, चोरी, लालच ने हर तरफ बिखेर दिया है खून खींच रहे अपनों की टांगें, बढ़ रहा मरने मारने का जूनून अपराधों मे हुआ इजाफा, हार गया कानून🤔😔😔 घूँघट से जब आजाद हुई नारी, तब टूटी मर्यादा सारी अर्धनग्न पहनावे को फैशन कहती है दुनिया हमारी आधुनिकता की होड़ मे गयी है सबकी मत मेरी इस बेशर्मी की शिकार हो रही कहीं कहीं अबला नारी🤔🤔 ईमानदारी को भूल गए सब, बिन रिश्वत अब काम ना होते होती करुणा यदि दिलों मे तो यूँ क़त्ल सरेआम ना होते नाम कमाने के जुनून मे करके गुनाह लोग बदनाम ना होते सब नशे मे चूर हैँ, मिलते हैँ कम ही जिनके हाथों मे नशे के जाम ना होते 😊😊😊 आज की नारी बन रही कलंक नारी जात पर, जब वो फेंक रही कचरे मे अपना लाल लालच और वासना के वशीभूत औरत कर रही अपना पति हलाल झूठ और बेईमानी की करें सवारी, नहीं रही अपना घर संभाल दौलत शोहरत का चढ़ा नशा, अब नारी हो रही अलाल😔 हे विधाता! तेरे संसार के क्या हो गए हालात?
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