माफ़ी
भूल कर सारी गलतियों को तेरी कैसे फिर से तुझे लूं अपना। तेरी मौजूदगी मेरी जिंदगी में हैं जैसे कोई बुरा सपना। गलतियों को तेरी अगर कर भी दूं माफ़। कर सकती हैं क्या तू मेरे दिल के हर एक जख्म को साफ़।। तुझे खुश देखने के लिए किए अनगिनत प्रयास। बस तेरे जिंदगी में कभी न तेरे लिए बन पाया खास। कौन से भरोसे की बात तू करती रहती हैं हमेशा। तेरा साथ वापस पाने से कहीं अच्छा हैं मौत का संदेश।। तुम्हारे धोखे ने भले ही कर दिया मुझे अकेला। पर किसी को नहीं पता इस नादान दिल ने आज तक क्या क्या हैं झेला। अकेले जब भी रहूंगा हमेशा आएगी तेरी याद। भले ही ना हो साथ फिर भी इतनी सारी यादों को कैसे करूं एक पल में बरबाद।।
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