बस अपने लिए जीना शुरू कीजिए
आप बस अपने लिए जीना तो शुरू कीजिए, दुनिया आती होगी बस चरित्र प्रमाणपत्र बनाकर । जिन्हें बिना युद्ध सब कुछ मिल जाए, उनके लिए कीचड़ उछालना सहज हो जाता है। कितने दोगले हैं लोग इस दुनिया के, जिन्होनें स्वयं प्रेम किया और ना समझ पाये किसी और का प्रेम तो क्या ख़ाक प्रेम किया जिन्होंने मोहब्बत पा ली बस चार झगड़े करके। हम नहीं लड़ पाए सही समय पर, अब जागे हैं, तो लड़ रहे हैं तो इसमें गलत क्या है? मेरे चरित्र का मूल्यांकन अब सिर्फ भगवान कर सकते हैं, वही हैं, जो कर सकते हैं उनका अधिकार है, बाकी किसी का नहीं। अपने गिरेबान में झांक कर देखिए जनाब, सच का आइना सब कुछ बता देगा। अगर दूध के धुले होते, तो दाग आपके दामन पर भी न होते। अभ्युदय...
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