गया जी
गया महातम बुझलक सरकार हो, गया जी अब होलो इनखर नममा। आदर से लिहs इनखर नाम हो, जहाँ पड़ल हल विसनु के चरनमा।। गया जी हे बड़का तीरथ महान हो, एकरा जाने सभे सगरो जहनमा। इहाँ के रहबइया के बढ़ल मान हो, सिर ऊँचा अउ चौड़ा होल सीनमा।। इहाँ होवई पुरखन के पिंडदान हो, सभे मृतक करय सरग प्रस्थनमा। आके लखन सीता राम भगवान हो, कइलका हल दसरथ के पिंडदनमा।। गया जी के होवय सगरो गुनगान हो, जहाँ गौतम के मिलल हल गयनमा। मंगला अउ बंगला माँ हथ सान हो, गया गजाधर के पवितर ई स्थनमा।। गया महातम बुझलक सरकार हो, गया जी अब होलो इनखर नममा। आदर से लिहs इनखर नाम हो, जहाँ पड़ल हल विसनु के चरनमा।। नरेंद्र सिंह 16.05.2025
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