दिल और दीवाना
दिल की धड़कनें बढ़ गईं, एक अनजान सी आवाज़ सुनकर, दिल दीवाना हो गया, प्रेम की पहली बारिश में भीगकर. आँखों में बसी तुम्हारी तस्वीर, दिल की गहराइयों में उतर गई, हर पल तुम्हारी यादें आती हैं, दिल को और भी दीवाना बना गईं. प्रेम की इस अग्नि में जलते हुए, दिल को शांति नहीं मिलती, लेकिन इस दीवानगी में एक सुख है, जो दिल को जीने का मकसद देती है. ✍️Javed
Ad
Poetry Books 50% Off
Bestselling collections from top poets
Shop Now →
