धैर्य पथ
सुख गईं निगाहें उनके इंतजार में जिनके होने से मेरी दुनिया जगमगा उठती है। जज़्बादों के खेल में जिंदगी ने ऐसा पास फेंका कि इश्क की दरारें प्रेम पंछियों की उड़ान में ही उभर गई, औरों की जरूरत ही न पढ़ी।
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