भावनाएं
Gst कटौती में भावनाओं को भी राहत हो गई, मैने पत्थर की मूर्त को कुछ बोला तो, तुम्हारी भावनाएं आहत हो गई। गुलामी और चाटुकारिता की तुम्हारी चाहत हो गई, मैने चड्डी डंडे का नाम लिया तो तुम्हारी भावनाएं आहत हो गई। माफी मांगना तुम्हारे लिए एक कहावत हो गई, 60 रुपए पेंशन बोलते ही भावनाएं आहत हो गई। दूसरी जाति तुम्हारे लिए फ़जाहत हो गई, मुंह से पाखंड शब्द सुनते ही तुम्हारी भावनाएं आहत हो गई। जब एक छोटी बच्ची हैवानियत का शिकार हो गई, उस वक्त क्यों तुम्हारी भावनाएं लुप्त हो गई। शिक्षा व्यापार हो गई, भ्रष्टाचार एक खुली किताब हो गई, मासूमों के लिए दवाईयां जहर हो गई, अब क्यों तुम्हारी भावनाएं लुप्त हो गई।
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