पराक्रम
त्रुटि करना पाप नहीं सफलता कि ओर प्रयास है हर व्यक्ति को पराक्रम दिखाने की यही आस है योग्यता हर व्यक्ति की धरोहर है , जान ना है जिसे शमता को बाहर निकलना है, चाहे फिर कितना ही पिसे कोई कहि तौ कोई कहि ओर महारथी है प्रयास या विश्वास तौ हर किसी के सखी है बात केवल पहचान ने की है, क्या है वो बात क्या हुनर है छिपा, जो देगा साथ पराक्रम भय नहीं , ख्याति या प्रेम का प्रवाह है सच्चा पराक्रम तौ वही है जिसमें सबका भला छिपा है कुशलता सब में है, पहचाने की तौ बात है मछली तेरी और पक्षी उड़ा, काबिलियत की बात है सब की राह एक ही हो, यह ना विचारो स्वयं का पराक्रम खोजो उसे निखारो चमको, विजय पाओ और फिर दहाड़ो विजय और पराक्रम हर जगह हैं, समझने की बात है स्वयम को व्यार्थ समझाना इसे ख़राब ना कोई बात है पराक्रम स्थापित करो, साम्राज्य बनाओ अपनी कुशलता, अपनी योग्यता को सहराओ
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