वो अपना
बगावत नहीं अब रण होगा, न जाने कैसा वो क्षण होगा। जिसने लुटाया जीवन अपनों के लिए, वो ओखली और ' वो अपना ' घण होगा। 🖋️🖋️दौलतांश चारण (18 जनवरी 2023)
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