सूरज की पहली किरण
सूरज की पहली किरण जब सुबह को छूती है, उजाले की एक नई कहानी लिख देती है। अंधेरों को चीरकर जब वो रोशनी बिखेरती है, हर दिल में एक नई उम्मीद की लौ जला देती है। रात की तन्हाई को सुकून मिलता है, जब पहली किरण का स्पर्श धरती पर होता है, ओस की बूँदें मोती सी चमकने लगती हैं, पहली किरण जब उन पर अपना जादू चलाती है। पंछियों की चहचहाहट में नई धुन सजती है, पहली किरण से जब जीवन जगती है। फूलों पर भी उसकी चमक खिलती है, पहली किरण से जब प्रकृति सजीव होती है, पेड़ों के पत्ते सुनहरी रोशनी में नहाते हैं, पहली किरण जब उन पर अपनी रंगत बिखेरती है। उसकी गर्माहट में प्यार का अहसास होता है, पहली किरण जब हर मन को शीतल करती है, सपनों की नींव में नया जोश भरती है, हर दिल को एक नई ऊर्जा से भर देती है। सूरज की पहली किरण जब मुस्कुराती है, हर दिल में नई उम्मीदों की कहानी लिख जाती है। हर सुबह का यही तो पैगाम है, अंधेरों के बाद उजाले का नाम है, सूरज की पहली किरण जब भी आती है, हर जीवन को एक नई शुरुआत दिलाती है।
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