अपनी अपनी दुनिया
इस दुनिया के भीतर भी, सबकी अपनी एक दुनिया है, सबके अपने चांद हैं, सबके अपने सितारे हैं, सबके अपने सूरज हैं, सबके अपने तारे हैं। कहीं किसी की आंखों में बसता उसका तारा है। जो उसको खुद से भी ज्यादा प्यारा है। कहीं किसी का चांद सा प्रीतम प्यारा है। इस दुनिया के भीतर भी, सबकी अपनी एक दुनिया है।
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