हौसला
राहों के कंकड जब बोले मुझ पे बचकर चलना तुम हँस-हँस के पवनो का ताना अपने मन न लेना तुम। । साहस को धारण करके तुम चलना तुम बढ़ते जाना राही की है राह परीक्षा खुद से वादा करना तुम। । ना रूकना है ना थकना है कभी न तुमको रूकना है चलता चल आगे को नर तू तेरा काम तो चलना है।। मीरा सिंह
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