"शिक्षित मूर्ख – समाज की शान!"
"शिक्षित मूर्ख – समाज की शान!" लेखक: शब्दवेडा संतोष रामकिशन राऊत कभी था गुरु चरणों में ज्ञान, अब गूगल बाबा बने भगवान। डिग्री हो तो सवाल न कर, चाहे तर्कों से काटे आसमान! सत्य बोले तो मूर्ख कहलाए, तू “सिस्टम के खिलाफ़” है भाई! जो झूठ को सच बना के बेचे, वो ही आजकल है बुद्धिमानी की पाई। तथ्य नहीं, प्रमाण नहीं, बस “माय फीलिंग्स” चले, भाषण में आग, पर सोच में ठंडे गले। विचार हों या देशभक्ति – सब कुछ इंस्टा रील, हर educated fool बना है अब “ओपिनियन डील”! अंदर ज्ञान शून्य, बाहर भाषा बम, जो चुप रहे वो मूर्ख, जो बोले वो भी कम। सवाल पूछो तो बोले – “मुझे मत सिखाओ”, हाथ में डिग्री है, अब तुम चुपचाप बैठ जाओ!
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