क्या जीता है भारत ने ?
क्या जीता है भारत ने, सोचो जरा ध्यान से, इतिहास की पन्नों पर लिखा है संघर्ष का गान, हमने पाया है स्वतंत्रता का सपना साकार, हर दिल में बसी है आज़ादी की शौर्य-वीरता का प्यार। हजारों संघर्षों के बाद मिली हमें यह भूमि, जिसमें समाहित हैं अनेकता की शक्तियाँ अनूठी। संस्कृति की गहराई, सभ्यता का गौरव, क्या इससे बढ़कर कुछ और हो सकता है, जो हमें मिले सब कुछ? धरती में हज़ारों सालों की ममता समाई है, हर युद्ध, हर बलिदान की गाथा सोंधी है। हमने जीते हैं युद्ध, लेकिन सबसे बड़ी जीत तो ये है, कि दिलों में प्रेम और भाईचारे का विश्वास हमेशा जिया है। कभी गुलामी का घना अंधकार था, लेकिन हमने उसे हराया, अपनी महक को दुनिया में फैलाया। आज भी जीते हैं हम अपनी विविधता में एकता से, भारत ने सबको दिखा दिया है, क्या मतलब है संजीवनी शक्ति से। शब्दों में नहीं समाती यह विजय की कहानी, हर भारतीय के दिल में है एक नयी रवानी। हमने जीता है देश, हमने जीती है अपनी पहचान, भारत ने दुनिया को सिखाया, संयम और धैर्य का जो अनमोल ज्ञान।
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