एक सहमा सिल सिला
क्या पता कल कौन सा गिला होगा सहमा हुआ एक सिल सिला होगा हम इस दुनिया से भले ही चले जाए पर तुमसे कोई न कोई तो मिला होगा मेरे न होने का भी गिला होगा फिर से वही सहमा हुआ सिल सिला होगा पर इस बार बात कुछ ऐसी होगी ना हम होंगे और न तुमसे कोई मिला होगा।।
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