देहतिया गीत
पढ़ लिख कर लेलs नुनू ,तू केतनन डिग्रिया हो, तहियो तुहूँ रहलs , बेरोजगार रे देहतिया। पढ़इत फुटलो अंखिया,देहिया भी गली गेलो, तहियो नै तोरा मिलल, नौकरिया रे देहतिया। फरममा भरते भरते,तू पैसवा बुड़वलs हो, तोर बाप माय भेलथू, लाचार रे देहतिया। एक ठो चपरासी पद पर ,लाख अवेदनमा हो, तकनीकी वाला भी , फारम भरे रे देहतिया। मेरिट वाला झखs हे ,पैरवी मारै बजिया हो, पइसा पर बिकs हय अब ,नौकरिया रे देहतिया। एतना नैय पढ़तs हल,खेतिया तो करतs हल, नै घर के , नै घाट के अब , रहलू रे देहतिया। कहै नरेंदर ,हाथ दुनु जोड़ ,सुनु हमर बतिया हो, एगो नौकरी भरोसे, नै रहs रे देहतिया। नरेंद्र सिंह 23.09.2024
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