वसुल भील जाती खानदान का
वसुल खानदान भील जाती खानदान का. ============================== कयामत से कयामतक, साथ नीभाऊंगा मरते दमतक, यही असलीयत है, मेरे भील जाती वंशजकी. एकलव्य, तंट्या, शबरी हमारी शान, आधा आधुरा काम न कभी करते हम, दोस्ती हो या दुष्मनी, बडी ही शीदत्तसे निभाते है हम. दोस्त को आबाद और, दुष्मन को बरबाद, करने का काम, होशोहवास से करते है हम . दोस्तोको बचाने का काम, और दुष्मन का काम तमाम करने मे अग्रेसर हमेशा रही है. हमारी भील जाती खानदान, हमारी भील जाती खानदान. •••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• .
Ad
Poetry Books 50% Off
Bestselling collections from top poets
Shop Now →
