राम नाम की गूँज
2.राम नाम की गूँज डगर-डगर ,गाँव- गाँव,चाहे शहर है; चतुर्दिक जय श्री राम की लहर है। सबों की जिह्वा पर एक ही नाम है; बस जय श्री राम है , जय श्री राम है। प्रदेश में,देश में या कहीं भी विदेश में ; सर्वत्र राममय आज, सभी परिवेश में। एक ही आज चर्चा है,एक ही विमर्श है; रामलला के भव्य मंदिर के लिये हर्ष है। अयोध्या वो धाम है, जो सबसे महान है; पूज्यभूमि है, जो प्रभु राम जन्मस्थान है। नरेंद्र सिंह 01.01.2024
Ad
Poetry Books 50% Off
Bestselling collections from top poets
Shop Now →
