यादें
ये यादें, कुछ खट्टी ,कुछ मीठी ये यादें । जब भी आती हैं आँख भर जाती हैं, ये यादें, साये की तरह आकर , क्यों हम को रूला कर ,यूँ ही चली जाती हैं, ये यादें ,ये यादें।। कभी मुस्कराने,कभी हँसाने, तो कहीं गुनगुनाने की वजह , बन जाती हैं ये यादें,ये यादें।। वकत बीत जाता है, गुजरा हुआ समय न लौट कर आता है, पीछे छुट जाती है, तसवीर बनकर ये यादें, कभी जख्म दे जाती,कभी मलम लगाती, तो कहीं सीने से लगाती ये यादें। खूब तड़पाती, हर दिन ,हर पल आती, कुछ भी हो, मगर मरते दम तक साथ निभाती , ये यादें, ये यादें।।
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