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छोटी सी उम्र मे, ब्याह के वो आई, प्यार ना मिला, उसको किसी का, बस इतना थी, वो चाहती, पति से प्यार और ससुराल से सम्मान...।। गालियों के सिवा ,कुछ ना मिला उसको, सब कुछ सह, कभी ना बोला किसी को, अपने आसूंओ को पी, दर्द ने मारा अंदर से उसको, शायद कभी ना समझा उसके पति ने उसको .. बस अपने बच्चों के खातिर सब कुछ सहती, अकेले में अपने आंसू रोक ना पाती... बच्चे ना कर पाते कुछ, बस सब कुछ देख रोते खूब..।।
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