तेरे नाम की खुशबू
"तेरे नाम की खुशबू" (एक प्रेम कविता) तेरे नाम की खुशबू बसी है साँसों में, हर धड़कन कहती है बात तेरे पासों में। जब भी चलती है हवा हल्की-सी शामों में, तेरा एहसास उतर आता है इन जामों में। तेरी हँसी है जैसे सवेरा कोई, रौशनी बन जाए अंधेरा कोई। तेरी बातों में वो सुकून है पाया, जैसे रूह ने खुदा को छू लिया हो साया। तू साथ हो तो हर लम्हा खास लगता है, तेरे बिना ये दिल उदास लगता है। मैं तुझे देखूं तो वक्त ठहर जाए, तेरी मुस्कान में मेरा जहां नजर आए। तेरे बिना कुछ भी अधूरा सा लगता है, और तुझमें सब कुछ पूरा सा लगता है। तू है तो सब कुछ है, तू ना हो तो कुछ भी नहीं...
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