" हमको ले जाती एक दुनिया की ओर
कभी - कभी मिलने का अनुभव, हमको ले जाती एक दुनिया की ओर, चन - चनाहट मन में भरा हुआ स्वप्न, हमको ले जाती एक दुनिया की ओर, हम ऐसे थे , ये कहना मुश्किल है, स्वप्न से भरा हुआ झरना , टिप - टिप करके निकलती हुई बूंदे, हमको ले जाती एक दुनिया की और, चाह कर भी दुनिया से परे न रह पाए, कभी विलग्ना, कभी ठहरना , कभी आगे की ओर बढ़ना, मेरी आसिम कल्पनायो को लिऐ हुए, एक पक्षी की तरह दौड़ना, हमको ले जाती एक दुनिया की ओर। अर्पित
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