तुमसे काफी दूर
तुमसे काफी दूर, तुम्हें ना देखें ना मिले सुकून् तुमसे काफी दूर, तुम्हीं से शुरू वो तुम्हीं पे खत्म दिवानगी का जूनून, उस जूनून से भी है दूर तुमसे काफी दूर... क्या कमी थी क्या गलती थी, या आपकी सहेलियों कि हमसे ना बनती थी, अरे बात वहीं थी मैं गलत आपकी सारी बातें सही थी, ईतना सब कह कर पुछ्ती हो मेरी आँखों मैं आंसू , अरे आज तो मौसम् मैं नमी थी, मैं मांगू की कोई करें तुमको मजबूर और मुझसे तुमको दूर, इन सवालो से थक चुका हूँ मैं अब हम इस सवालबाज़ि से भी है दूर, है तुमसे काफी दूर।
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