प्रियसी की चेतावनी
(तोटक छन्द 112,112,112,112) पहले कुछ है तुझसे कहना, मुझसे मिलना जब दे गहना; मिलना जुलना अब बंद करो, अपने घर की अब राह धरो। प्रियसी गहना बनबा कर ही, समझो मिलना तुझसे तब ही; हर हाल तुम्हें खुश है रखना, सर हाज़िर है जब भी कहना। नरेंद्र सिंह 22.05.2024
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