होली
अममा मंजराईल, अममा मंजराईल, मह-मह महकइ बगीचवा। अममा मंजराईल, मह-मह महकइ बगीचवा। अममा मंजराईल, अममा हो, अममा मंजराईल , अममा हो।। मंजरा से पेड़वा हे लथरईले, मंजरा से पेड़वा हे लथरईले, जेकरा पर भौँरा मड़राइ हो अहो जेकरा पर भौँरा मड़राइ , मह-मह महकइ बगीचवा।। मंजरा के रसवा भौँरा लूटे, मंजरा के रसवा भौँरा लूटे, अप्पन घर रहल बसाइ हो, अहो अप्पन घर रहल बसाइ, मह-मह महकइ बगीचवा। अममा मंजराईल, अममा मंजराईल, मह-मह महकइ बगीचवा।। मंजरा देखी कोयली बऊरईले, मंजरा देखी कोयली बऊरईले। कू कू करके टेरइ राग हो अहो कू कू करके टेरइ राग। मह-मह महकइ बगीचवा, अममा मंजराईल, मह-मह महकइ बगीचवा।। नरेंद्र सिंह, गया
Ad
Poetry Books 50% Off
Bestselling collections from top poets
Shop Now →
