मेरी जिंदगी:-🌸
थोडा थक सा जाता हू अब मैं.. इसलिए, दूर निकलना छोड दिया है, पर ऐसा भी नहीं है कि अब.. मैंने चलना ही छोड दिया है।। फासले अक्सर रिश्तों में... अजीब सी दूरियां बढा देते हैं, पर ऐसा भी नहीं है कि अब मैंने.. अपनों से मिलना ही छोड दिया है।। हाँ जरा सा अकेला महसूस करता हूँ.. खुद को अपनों की ही भीड में, पर ऐसा भी नहीं है कि अब मैंने.. अपनापन ही छोड दिया। याद तो करता हूँ मैं सभी को.. और परवाह भी करता हूँ सबकी, पर कितनी करता हूँ... बस बताना छोड दिया ।।.
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