घट घट व्यापे राम
जो मानव आज धरा पर विद्यमान है वे वाकई महान सौभाग्यशाली है; जो रामललामय दृश्य देख रहा है, इनके लिए यह क्षण गौरवशाली है। जो ध्वस्त हुआ था 500 वर्ष पहले, उसे निर्माण हेतु कोई सोचा था भला ? असम्भव लगता था जो सम्भव हुआ , फिर से मन्दिर में विराजेगें रामलला। राम नाम की महिमा तो अपरंपार है, जो बसते हैं, जन-जन के उर अंदर; राम नाम अजर अमर है युगों युगों से, गूँजता रहेगा सदा हर घर हो या मन्दिर। नरेंद्र सिंहः 05.01.2023
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