नर्क की सैर
भैंसे पर करके सवार, ले जाया जाएगा तुझे नरक के द्वार, सबसे किया तूने बैर, अब करनी है नरक की सैर, गर्म तेल में तला जाएगा अब ना है तेरी खैर। पीड़ा से तेरी गूंजेगी वादी ए चम्बल, न तन पे चिर होगा न ओढ़ने को कम्बल। तेरे जैसो की वहां लाइन होगी बहुत बड़ी, मौत के बाद भी मौत कर रही इंतज़ार हाथ में लेकर एक छड़ी। हर पल तुझे तेरे कर्मों की याद दिलाएगा, तू रोता रहेगा सोच सोच कर, हर पल पछताएगा। 56 भोग खाने वाले नसीब न होगी तुझको रोटी, तेरे जीर्ण शरीर की काले कौवे नोच खाएंगे हर एक बोटी। गर्म तेल देख कर तेरा रोम रोम थर्राएगा, झूठ से तूने जीवन काटा वो झूठ भी नहीं बचा पाएगा। सगे संबधी धन माया कोई न साथ जाएगा, सांस तेरी अटक जाएगी , जब काल का बुलावा आएगा। आराम निद्रा के लिए नहीं होगा मखमल का बिस्तर, हर स्वास तेरी करेगी पुकार मांगेंगी हर पल निस्तर चिड़िया की चहचहाहट सुनकर, खुद को निद्रा से बाहर पाएगा, हो जाएगा मग्न अपनी दिनचर्या में, बुरे सपने की तरह नरक की सैर को भूल जाएगा।
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