एक बात अधूरी ही रह गई
फ़िज़ूल बोलने वाली लड़की अचानक ख़ामोश हो गई होती थीं रोज़ मुलाकातें वो अब कम हो गईं यूं तो रोज़ होती थीं बातें ख़ुदा से मगर हर रोज़ एक बात अधूरी ही रही ।। लोगों से दूरी बढ़ाने लग गई रिश्ते निभाने से बचने लग गई डरती थी कल तक लड़ने झगड़ने से अब वो सबसे झगड़ने लग गई यूं तो हर बात हंसी टाल दिया करती थी अब हर बात पर वो बिगड़ने लग गई।।
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