स्कूल के वो दिन
अभी भी वह कल की बात लगती है। जब हम पहली बार स्कूल आए थे, नए नए दोस्त बने थे, दोस्ती ना तोड़ने का वादा किया था। और आज 12 साल हो गए स्कूल में, कुछ महीनों में किया हुआ वादा भी टूट जाएगा, कितनों का साथ तो आज यहीं छूट जाएगा। बस एक तस्वीर होगी। जिसे देख कर एक दूसरे का चेहरा याद आएंगे, चेहरे देखकर मेरे चेहरे पर भी एक मुस्कान सी आएगी, वह साथ बिताए यादें दिल पर चप जाएंगी। दोस्तों से झगड़ना , उनका टिफिन छीन के खुद खाजाना, एक दूसरे की बातो पे उनकी खिल्ली उड़ना, शरारत करने पे टीचर की डाटखाना, टॉयलेट (toilet) के बहाने स्कूल का राउंड (round) लगाना, और पकड़े जाने पे कक्षा के बाहर खड़े हो जाना । ये सारी यादें मुस्कान के साथ एक दुःख भी दे जानेंगी, वह साथ बिताए दिन मुझे हमेशा याद आएंगी। -Ashü
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