तू और मेरी गलतफहमियां
कोई पूछे कि क्या कर रहे हों जवाब होगा वही जो आपने सोचा था अरे, हां वही.. आपने जो मुझे समझा था हां, हां बिल्कुल वही। तुम तो नहीं थे अजनबी मेरे से तुमने भी वही सोचा जो सबने समझ लिया था तो क्या अब मै भी वहीं समझूं, जो सबने समझा था तुमको नहीं, मैं नहीं करूंगा कभी, मैं तो वैसा ही रहूंगा जैसे तुम ने हमको देखा था पहले साल खत्म होने को हैं पर तेरे मन में मौजूद मेरी गलतफहमियां नहीं, ये भी सही,बनाए रखना गलतफहमियां मेरी..गर दूर हो गयी तो मैं फिर से अच्छा बन जाऊंगा तो..... तो क्या करोगी तुम मुझ से दूर रहकर ही खुश रहो.... मेरे पास आने में बहुत सी गलतियां भूलनी पड़ेगी तुम्हे.....
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