तमीज
तमीज ==================== चौराहे पर छडखानी करके नारी की, सडकछाप क्या बनता, ये बत्तमीज राम रहीम से डर, ऊन की रक्षा करके......, माॅंबापका नाम थोडा रेशन तो कर. घरपे बीवी बाल बच्चे सब है, ऊनसे प्यार करके थोडा रौशन तो बण, ये बत्तमीज.........., थोडी तो तमीज सीख के...., रावण से थोडा राम तो बण. चौराहे पर तेरी निगराणी, नारी जाती पर.... बुरी नजर, सबको पता है......., ये बत्तमीज......!, थोडी तो तमीज सीख ले, ये काम आजही छोड दे. सुष्टी का नियम बडा दर्दनाक होता है, ना कोई गवाह ना साक्षीदार होता है, ये घुम फीरके वही आता है, सुधरजा वरणा......., तेरा भी अंतीम समय दर्शनाक होणे वाला है, तर रा भी अंतीम समय दर्शनाक होणे वाला है. ==============================
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