प्यार का बुलावा
तनहा से सफर में एक राही मिल गया हाथ पकड़के साथ चलने के वास्ते। उदास सी इन आंखों को एक बहाना मिल गया खुलकर हंसने के वास्ते। सूनेपन में कबसे तरस रही थी बाहे मेरी एक हमसफ मेल गया जिंदगी गुजारने वास्ते।
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