नाक
नाक भी अजीब अंग है शरीर का कुरूपता सुंदरता का द्योतक है ये आन-बान और शान का प्रतीक इज़्ज़त के दिखावे का यन्त्र है ये। और नाक भी जो मेरी तरह ऊंची लम्बी और थोड़ी टेढ़ी ऐसे नाक बिरले को मिलते हैं अखिलेश और हम जुड़वे दिखते हैं। टेढ़े नाक वालों को वरदान है नाजुक नाक की चर्चा सर्वमान्य है झेल नहीं पाती थोड़े मौसम परिवर्तन को सुसकुडाती रहती है ये बहती रहती है। वर्षों बाद फिर से नाक से परेशान हूं साईनस फिर से उबर आया है लगता है फेक दूँ काट कर इसे आज ही ये भारीपन ये उलझन बहुत सताता है। थोड़ा हवा लगा नहीं कि जम जाता है फिर साँस भी अवरुद्ध होता है नहीं करता है फिर कुछ काम यह फिर जोड़ों से नदी बहाता है। हाय रे इसका बंद होना हाय रे इसकी अकड़ थोड़ा सा बाइक चलाना फिर इसकी जकड़। पहाड़ों से लौट आया तो मैदानों में ये मर्ज आया है बचपन में जिसे बंद कर दिया था वो अब आधी उम्र में उभर आया है।
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