काश !
इक काश की ही आस में ये जिंदगी कटती रही कि काश हम मिलते नहीं, काश दिल जुड़ते नहीं , काश तुम रहते यहां काश बिछड़ते नहीं ! काश मेरी बात को बिन सुने समझते कभी , काश अपनी बात को आँखों से भी कहते कभी काश मेरी जिंदगी में जिंदगी लाते तुम्हीं ! काश मुझसे ज्यादा प्यार तुम भी जताते कभी, बस इसी अह्सास पर ये साँस भी चलती रही काश तुम जाते नहीं तो दूरियां बढ़ती नहीं !!
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