ज़िंदगी इक कैनवास है,
ज़िंदगी इक कैनवास है, जिस पर वक़्त अपने जज़्बात उड़ेलता है, हर रंग किसी ख़ामोश दास्तान की तरह दिल में उतरता है। सफ़ेद रंग—सब्र का, जो टूटे लम्हों पर मरहम रख देता है। काला रंग—रात का, जो आँसुओं से होकर सहर तक ले जाता है। नीला रंग—ख़्वाबों का, जो रूह को आसमान दे जाता है। पीला रंग—उम्मीद का, जो मायूसी में भी रौशनी भर जाता है। कुछ रंग फ़ना होते हैं, कुछ उम्र भर साथ रहते हैं, मगर हर रंग सिखाता है कि ज़िंदगी सिर्फ़ मुस्कान नहीं, सब्र और शुक्र का नाम भी है। जब दिल हर रंग को क़ुबूल कर ले, तब ज़िंदगी एक मुकम्मल नज़्म बनकर सुकून दे जाती है।
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