मैं इंसान हूँ,
मैं इंसान हूँ, मेरा भी दिल है, जो धड़कता है, और महसूस करता हूँ। मैं भी इबादत करता हूँ, इंसानियत की, और अपनों के लिए, दिल से प्यार करता हूँ। मेरे अंदर भी, एक आत्मा है, जो अच्छाई और बुराई को समझती है। मैं भी चाहता हूँ, सच्चाई और न्याय, और अपने समाज के लिए, कुछ अच्छा करना चाहता हूँ। मैं इंसान हूँ, मेरी भी भावनाएँ हैं, जो खुशी और दुःख में, साथ देती हैं। मैं भी चाहता हूँ, अपनों के साथ, एक सुंदर जीवन जीना, और प्यार बांटना। तो मुझे भी सम्मान दो, और समझो मेरी भावना, मैं इंसान हूँ, और इंसानियत की इबादत करता हूँ।
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