नेताओ के झूठे वादे
नेताओ के झूठे वादो की लगने वाली भरमार है क्यो कि आने वाला फिर से एक नया चुनाव है करना बड़ी बड़ी बाते उनकी आदत मे शुमार समय निकल जाने पर जनता की एक न सुनना उनका यही कार्य है जातिवाद के नाम पर फूट डालना होता उद्देश्य यही हर बार है दो गुटो को भीड़ा कर अच्छा बनना उनका ही कार्य है नेताओ के झूठे वादे की लगने वाली भरमार है वित्तकोष भी होगा खाली इसलिए वैकेंसी की भी लगने वाली भरमार है एक फार्म पर हजार हजार कमा कर वित्तकोष को भरने की तैयारी फिर इस बार है नेताओ के झूठे वादे की लगने वाली बहार है लालच देकर नौकरी की चार चार वर्ष फसाना नेताओ की आदत मे शुमार है हर परीक्षा मे घोटालेबाजी होना कोर्ट दौड़ना धरना करवाना पर समय से न रिजल्ट देना होता उद्देश्य हर बार है नेताओ के झूठे वादो की लगने वाली बहार है
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