चाय: एक आधुनिक जहर पर आलोचनात्
ज़बान पर मीठी, सीने में जहर छुपाए, चाय की चुस्कियों में, हम दिन भर डूबे रह जाए। सुबह की शुरुआत, शाम का अंत, हर पल चाय की तलाश, ये बन गया हमारा संत। कहते हैं, तन को शक्ति देती है, पर मन को अशांत ही करती है। बेचैनी, नींद की कमी, ये सब तो चाय का ही परिणाम है। कितने रोगों को जन्म देती है, यह बात कौन नहीं जानता है। दिल की बीमारियां, ब्लड प्रेशर बढ़ना, ये सब चाय की ही देन है। फिर भी क्यों पीते हैं हम, ये जहर सा पेय? आदत की डोर में, बंधे हैं हम बेचारे। एक पल के सुकून के लिए, हम अपनी सेहत को गंवा रहे हैं। आओ, इस जहर से मुक्ति पाएं, स्वस्थ पेय पदार्थों को अपनाएं। पानी, जूस, दूध, ये हैं बेहतर विकल्प, चाय के इस जाल से, निकलें हम जल्द। प्रिया तिवारी (प्रियु)❤️
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