जीवण री डोर
मदंरो रीजे मजंतो रीजे, मत करजे अभिमाण धण माया सारी पड़ी रे जासी तण माटी बणासी शमशाण ऊंच नीच रो पलों मत पकडजे,दिजे सबने माण मत जीव री हत्या करजे शाकाहारी राखीजे खाण गरिबी न तु कलंक मत जाणिजे,अमिरी न तु ताज गरिबां रा तो वंश चालग्या, अमिरां रा खुस्ग्या राज गृहस्थी री तु गाड़ी चलाजे,मती भागजे डर ऐडो कोई काम करिजे, जीवंतों रेव मर किरो भी दास मत बणजे,ओछी मत राखजे सोच ऐडो कोई काम मत करिजे,कुल माथे आवे खरोंच जीवण स्यु हिम्मत मत हारिजे मन माहि राखजे विश्वास मेहनत स्यु पाछे मत रीजे,राखजे सांस है जते आस ओछो बोल मत बोलजे,रीजे सगलास्यु राजी झुठों बोल मत बोलजे जणा तक नहीं लागे फांसी धीरज जीवंण भर राखिजे,पग पग पर तुं साथ हंस हंस र सबस्यु बोलिजे जोड्या सबस्यु हाथ धीरज शेखावत
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