जिंदगी
एक ही जिंदगी मिली हैं उसको भी ठीक से जी नहीं पा रहे हैं लोगों के हिसाब से चलते _चलते और उन्हे खुश रखते _रखते हम अपने लिए जीना भूल गए हैं। जब धीरे धीरे वक्त बीतने लगा उनके साथ तब समझ आया वो तो सिर्फ अपनी खुशी के लिए बात करते थे में अगर उदास हू परेशान हूं तो यह मेरी प्रॉब्लम हैं।। लोगो के बीच में रहकर एक बात तो समझ आ गई उनको रिश्ते नहीं बस कठपुतली चाहिए जो उनके इशारों पर नाच सके।।। इसलिये कहते हैं जिंदगी को अपने तरीके से जीना सीखो लोगो के इशारों पर नहीं अदिती माहेश्वरी 😊😊😊😊😊
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