माँ ज्ञान दो
माँ शारदे, तू ज्ञान दे, तम घाल दे, सुर तान दे। हो साधिके, हे तारिणी, तू राधिके, दुख हारिणी।। मै भज रहा, कब से तुझे, ज्ञान न मिला, अब भी मुझे। मैं मूढ़ हूँ, अविवेक हूँ, माँ ध्यान दो, मैं नेक हूँ।। तू पास रह, तू खास रह , विश्वास रह, बन आस रह । आकर मुझे, अब तार दे, मैं भक्त हूँ, माँ शारदे।। नरेंद्र सिंह
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