शीर्षक- गाओ नूतन गीत (रोला छंद
गाओ नूतन गीत, सुनाओ नयी कहानी। जिसमें हो अति प्रीत, बहे दिल यह मनमानी।। छेड़ो ऐसा राग, बिना घन बरसे पानी। आओ गाएँ गान,नहीं हो जिसकी सानी ।। सुरलय मधुरिम ताल, छंद के गुण हो सारा। गाना वैसा पद्य, बहे उसमें सुरधारा।। जन-जन कहे पुकार, वाह क्या गीत सुनाए । बहे बहुत रसधार, सबों का उर हर्षाए।। लाए जो तूफान, गान तुम वैसा गाओ। हरदिल पाए स्थान, हृदय पर सबके छाओ।। करना उनका ध्यान, शारदे खुश हो जाएँ । नित-नित करना नमन, सदा जिह्वा पर आएँ।। नरेन्द्र सिंह, गया,29.03.2025
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