सीख लो....
अगर मैं कहना छोड़ दूं, तो लोग सुनेंगे क्या? अगर मैं लिखना छोड़ दूं, तो लोग पढ़ेंगे क्या? अगर मैं छोटा हूं, तो तुम बड़े बनकर दिखाओ अगर मैं झूठा हूं, तो तुम सच्चे बनकर दिखाओ अगर शौक है हसने का, तो रोना सीख लो अगर शौक है पाने का, तो खोना सीख लो मैं तो हर बार जिया हूं कई बार मरके अगर तुम्हे जीना है, तो मरना सीख लो
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