प्रेमिका
मैने सुनना था कि लोग प्यार में दीवाने होते हुए अपने आप को पते है । पर मैने अपने अंदर एक प्यार में अधमरा जीव पाया था । सभी कहते है कि प्रेम को अपना जीवन मान न चाहिए पर उन्हें क्या पता कि मैंने उसे भगवान का स्वरूप मान रखा या । मैंने भगवान से बस एक हि चीज़ मांगा था । मैंने भगवान से बस एक हि चीज़ मांगा था । उसे हमेशा हंसए रखना, पर भगवान ने उसे उसकी हंसने कि वजह उसके जिंदगी से जप्त करली । मैंने भगवान ने उसे उसकी हंसने कि वजह उसके से जपत कर लिथा । मैंने भगवान से कहा था कि "ना आपकी ना मेरी बस उसे हमेशा खुश रखना " । पर भगवान ने उसे उस कि खुश होने कि वजा हि चिन लि । उसे लगता होगा कि उसके मुस्किल वक्त पर कोई नहीं है उसका हाथ थामने को ! पर उसे क्या पता एक जीव जिते जी मरा जा रहा है, बस उसकि एक खुशी कि झलक पाने को ।
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