नए नए रिश्ते
नए नए सफर में मुलाकात देखा है अच्छे हो तुम,तुम ही अच्छे हो ये कहते देखा है शुरुआत में हंसाते,बाद मे रुलाते देखा है कुछ दिन के लिए लोगों से जुड़ना मन बहलाना देखा है मैने लोगो को वादों से, बातों से मुकर जाना देखा है कुछ दिन साथ चले फिर राहों में रास्ता बदलते देखा है चेहरे पे मासूमियत मन के अंदर खोट देखा है हा कुछ पल साथ चल के उनका असली चेहरा देखा है ईश्वर से डरते नहीं लोग साफ साफ काझूठ बोलते देखा है और सच मानो तो खुद को ईश्वर समझ बैठे है इतना अहंकार देखा है भीड़ बहोत है दुनिया में यहां हर चंद सेकंड में रिश्ते बदलते देखा है लोगों की भावनाओं से खेलते देखा है अपनी मर्जी से लोगों को मन बहलाते देखा है बड़े स्वार्थ भरी है दुनिया खुद का वक्त गुजराने के लिए लोगों की मुस्कान छीनते देखा है पर,मैने ईश्वर को जब भी देखा है सत्य के साथ ही देखा है__मीनू🍁❤️
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