कल का क्या भरोसा.. 🥺🌸
किसी की जिंदगी छोटी, तो किसी की बड़ी होती है! मौत किसी के दरवाज़े पर, तो किसी के सिर पर खड़ी होती है! कौन जाने किसी के हिस्से में, कल का सूरज आएगा कि नहीं! जिससे मुंह फुलाकर बैठे हो आज, वो क्या पता कल मिल पाएगा की नहीं! दिल से जुड़े रिश्तों को, क्यूँ ना ग़लतफ़हमियों का शिकार बनाइए! मन-मुटाव की इस गाँठ को, इतना कस कर ना लगाइए! ये वक्त की रेत हाथों से, पल में फिसल जाएगी ! तुम आवाज़ लगाते रहोगे, और वो बहुत दूर निकल जाएगी!.
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